
शुद्ध और सुरक्षित भोजन के लिए एक जन-जागरूकता अभियान। Bikaner से Jaipur होते हुए Delhi तक 700+ किमी. का संकल्प।
Food Reality March का उद्देश्य भोजन में मिलावट के प्रति जागरूकता बढ़ाना और नागरिकों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण भोजन के लिए आवाज़ उठाने के लिए प्रेरित करना है।
साफ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन के महत्व के बारे में जागरूकता।
मिलावट के स्वास्थ्य पर प्रभाव को समझने और सही चुनाव करने की पहल।
जागरूक नागरिकों के साथ बेहतर food safety culture की दिशा में कदम।
Food Reality March के माध्यम से मिलावट के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाने और शुद्ध एवं सुरक्षित भोजन के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प।
एक यात्रा, एक संदेश और एक साझा संकल्प।
इस पदयात्रा के माध्यम से केंद्र एवं राज्य सरकारों के समक्ष खाद्य सुरक्षा और जनस्वास्थ्य से जुड़ी प्रमुख मांगें रखी जा रही हैं।
बड़े माफियाओं द्वारा नकली दूध एवं दूध से बने प्रोडक्ट बनाने तथा आटे में पत्थर, चॉक पाउडर मिलाते हुए पकड़े जाने पर फांसी की सजा का कानून बने।
फल एवं सब्जियों के उत्पादन तथा उन्हें पकाने में जहरीले एवं स्वास्थ्य के लिए हानिकारक रसायनों के अनियंत्रित प्रयोग पर कड़ी रोक लगाई जाए।
हर पैकेज्ड फूड प्रोडक्ट पर आगे की तरफ 5 स्टार वाली हेल्थ स्टार रेटिंग अनिवार्य हो। 5 स्टार = सबसे हेल्दी | 1 स्टार = सबसे हानिकारक। पैकेट के पीछे Ingredients की लिस्ट हिंदी में, साफ-साफ और बड़े अक्षरों में लिखना अनिवार्य हो।
FSSAI की खाद्य सुरक्षा निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जाए तथा प्रत्येक जिले में मुफ्त अत्याधुनिक Food Testing Lab उपलब्ध कराई जाए। खाद्य नमूनों की जांच समयबद्ध हो और शिकायतकर्ता को जांच एवं कार्रवाई की स्थिति ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाए।
देश के हर प्राथमिक स्कूल में कक्षा 1 से 12 तक “शुद्ध आहार” नाम का एक विषय अनिवार्य किया जाए। सरकार इस विषय की अलग किताब और शिक्षक की व्यवस्था करे।
देश में बिकने वाले सभी खाद्य पदार्थों में Artificial Color, Flavor और Synthetic Food Dye के इस्तेमाल को पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाए। सरकार Natural Color और Natural Flavor को बढ़ावा दे।
पैकेज्ड फूड में Palm Oil के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
भारत की जनता के स्वास्थ्य को देखते हुए पूरे भारत में तंबाकू, गुटखा, जर्दा और सभी तंबाकू उत्पादों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
जो कंपनियां “100% Natural”, “Pure”, “Real”, “Fresh”, “Healthy”, “Organic” जैसे भ्रामक दावे लिखती हैं या Celebrity के माध्यम से Unhealthy Product को Healthy बताकर प्रचार करती हैं, उनके लिए जेल का कानून बने।
देश में फूड मिलावट के सभी मामलों के लिए अलग Fast Track Food Court का गठन किया जाए। हर केस को 90 दिन के अंदर निपटाना अनिवार्य हो।
पैकेज्ड फूड में Sugar की मात्रा को बहुत ज्यादा कम किया जाए ताकि Sugar से होने वाली बीमारियों से बचाव हो सके।
आम जनता की हेल्थ को देखते हुए पूरे भारत में Cold Drink को बैन किया जाए। मांग के अनुसार Artificial Color, अधिक Sugar, Preservatives और Caffeine वाले Cold Drinks पर रोक लगाई जाए।
अभियान की पदयात्रा और जनजागरूकता से जुड़ी समाचार कवरेज।



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